Friday, July 28, 2017

दहेज प्रताड़ना के मामलों में सुप्रीम कोर्ट की नई गाइडलाइन



 

नई दिल्ली। देश में हज रोज हो रहे दहेज प्रताड़ना के झूठे मुकदमों के कारण सुप्रीम कोर्ट ने अब दहेज प्रताड़ना यानि आईपीसी की धारा 498-ए के मामलों में नई गाइड लाइन जारी कर दी है। इसके तहत मामला दर्ज होने के तत्काल बाद आरोपी ससुराल पक्ष के लोगों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं की जा सकेगी। गिरफ्तारी से पहले यह मामला फैमिली वेलफेयर सोसायटी में जाएगा जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। फैमिली वेलफेयर सोसायटी की रिपोर्ट के आधार पर इंवेस्टीगेशन रिपोर्ट या मजिस्ट्रेट तय करेंगे कि मामले को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए या नहीं। इसी आधार पर गिरफ्तारी की जाएगी। इससे पहले फैमिली वेलफेयर सोसायटी यह कोशिश करेगी कि मामले में न्यायालय में पहुंचने से पहले ही राजीनामा हो जाए। 

मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के PS नवनीत कोठारी IAS पर 25 हजार का जुर्माना



 

आनंद ताम्रकार/बालाघाट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल के कैबिनेट मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के पीएस डॉ. नवनीत मोहन कोठारी पर मप्र राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार रुपए का जुर्माना ठोका है। मप्र के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी आईएएस पर इतना बड़ा जुर्माना लगाया गया हो। यह जुर्माना उनके संदर्भ में लगाई गई एक आरटीआई का जवाब ना देने पर लगाया गया है। कोठारी तत्समय बालाघाट कलेक्टर थे। 

Monday, July 3, 2017

पति के WHATSAPP पर आईं कॉलगर्ल्स की फोटो, उनमें से एक उसकी WIFE भी थी


इंदौर। यहां एक युवक के होश तब उड़ गए जब उसके दोस्त ने इंदौर की कुछ कॉलगर्ल्स की फोटो उसे वाट्सएप पर भेजी। इन फोटोग्राफ्स में एक फोटो उसकी पत्नी का भी था। युवक के दोस्त ने बताया कि भंवरकुआं इलाके में रहने वाला एक बदमाश सेक्स रैकेट चलाता है और तुम्हारी पत्नी भी उसके तलाशे ग्राहकों के पास जाती है। मामले की छानबीन के बाद जब जानकारी पुख्ता हुई तो पीड़ित पति सीधे भंवरकुआं पुलिस के पास पहुंचा और सारी कहानी बताई। भंवरकुआं पुलिस ने संतोष यादव निवासी नर्मदा नगर के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। खंडवा रोड इलाके में रहने वाला एक युवक अपने साथ 20-25 लोगों को लेकर बुधवार रात को भंवरकुआं थाने पहुंचा। उसके साथ संतोष भी था। युवक ने आरोप लगाया कि पकड़ाया आरोपी संतोष यादव देह व्यापार का धंधा चलाता है। उसने पत्नी को भी अपने साथ ले लिया। पत्नी के कई वीडियो और फोटो वाट्सएप पर शेयर कर चुका है।

पत्नी से पूछा तो वह विवाद करके मायके भाग गई। पति और अन्य लोगों का कहना था कि आरोपी कई दिनों से रैकेट चला रहा है। लोगों ने उसकी छानबीन की तो सबूत हाथ आए। उधर, पुलिस का कहना है कि मामला पति-पत्नी के बीच विवाद का है। युवक को आरोप लगाकर फंसा दिया गया है। हालांकि आरोपी पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जा रही है।


अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाला गिरफ्तार

 फर्जी कॉल सेंटर के जरिए कई अमेरिकी नागरिकों को ठगने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति शराफत अली अन्य लोगों के साथ मिलकर एक फर्जी कॉल सेंटर चलाता था और वे अमेरिकी नागरिकों को ठगने के लिए खुद को माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन का कर्मचारी बताते थे।
उन्होंने कहा कि अली :33: को कल दक्षिणी कोलकाता के कराया थानांतर्गत बेकबागान रो स्थित कॉल सेंटर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधिकारी ने कहा, वे इंटरनेट से उनका :अमेरिकी लोगों: फोन डाटा डाउनलोड करने के बाद खुद को माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन का कर्मचारी बताकर वीओआईपी :वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल: के जरिए उन्हें फोन करते थे। अली और उसके साथी अमेरिकी लोगों से कहते थे कि उनका सिस्टम हैक हो गया है और उनके डाटा में गड़बड़ी हुई है, जिसकी जानकारी उन्हें मशीन में लगे माइक््रोसॉफ्ट सिस्टम से मिली।
ये लोग अमेरिकी नागरिकों को उनका सिस्टम ठीक करने के नाम पर मनीग्राम या वेस्टर्न यूनियन के जरिए 199 डॉलर से 300 डॉलर तक की राशि ऑनलाइन देने को विवश करते थे।
अधिकारी ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर टीम व्यूअर का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने बताया कि कॉल सेंटर पर छापे के दौरान आरोपियों के पास से सीपीयू, आई फोन, लैपटॉप और दस्तावेज जब्त किए गए।
शहर की एक अदालत ने अली को 10 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

Monday, April 24, 2017

काले जादू और दिव्य सिद्धियों के नाम पर लोगों का शोषण कर रहे कथित बाबा, कमाता था हजारों

 अमृतसर.विदेशयात्रा, कर्जा मुक्ति, वशीकरण, प्रेम विवाह, पति-पत्नी में अनबन, नौकरी, गृह क्लेश, रूठे प्रेमी प्रेमिका, मनचाही शादी, मुठकरणी, कारोबार में बाधा और जाने क्या-क्या। पिछले लंबे समय से ऐसे इश्तहार देकर कुछ कथित बाबा, मियां और काले जादू का सम्राट होने का दावा करने वाले लोगों को गुमराह करके उनका शोषण करने में लगे हैं। प्रशासन ऐसे कथित दावे करने वालों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा रहा। लोगों की भोली-भाली मानसिकता का फायदा उठाकर ऐसे कथित तांत्रिक और बाबा हर रोज हजारों के वारे-न्यारे कर रहे हैं।
ऐसे लोगों की ओर से की जा रही कमाई पर तो कोई टैक्स है और ही इसका कोई हिसाब-किताब नजर रहा है। आए दिन अखबारों और अन्य मीडिया संसाधनों पर ऐसे लोगों का प्रचार आम है। सभी समस्याओं का हल कुछ ही घंटों में, घर बैठे ही रिजल्ट पाएं, हमारे किए जादू की कोई काट नहीं जैसे लुभावने और लोगों को गुमराह करने वाले इश्तिहार हर रोज देखने को मिलते हैं। काले इल्म के बादशाह, बंगाली जादू, कुछ ही घंटों में समाधान की गांरटी, खुला चैलेंज, गुरु, बाबा, मियां जी और कुछ इसी तरह के नाम दावों को लोगों के बीच बड़ी चतुराई से परोसा जाता है। एक बार जो इनका शिकार बन गया तो उसके शोषण का सिलसिला लंबा चलता है। एेसा नहीं कि प्रशासन और आम आदमी को इसकी खबर नहीं, लेकिन एक सरसरी नजर इन विज्ञापनों पर डाली जाती है और फिर हर कोई अपने रोजमर्रा के कामों में लग जाता है। बुद्धिजीवी वर्ग और समाजसेवा से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसे लोग समाज में अंधविश्वास को बढ़ावा देते हैं जो गैर कानूनी है। संविधान में ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के प्रावधान हैं।
स्कूल-कॉलेज स्तर पर चेतना पैदा की जाए...
पूर्वस्वास्थ्य मंत्री समाजसेविका प्रो. लक्ष्मीकांता चावला का कहना है कि समाज में अपनी जड़े जमा चुके इस तरह के अंधविश्वास को मात्र कानून से खत्म ही किया जा सकता। इसके लिए स्कूल कॉलेज स्तर पर स्टूडेंट्स में चेतना पैदा की जानी चाहिए। राष्ट्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से दिखाए जा रहे सिगरेट, शराब के नुकसान वाले विज्ञापनों की तरह अंधविश्वास विरोधी विज्ञापन भी दिखाये जाने चाहिए।
लोगों के सेंटिमेंट्स का उठाते हैं फायदा...
डॉक्टरी पेशे और समाजसेवा से जुड़े अदलक्खा हॉस्पिटल के डाॅ. एएल अदलक्खा कहते हैं कि समाज में ऐसी बातें किसी भी तरह से टालरेट करने योग्य नहीं हैं। हम 21वीं सदी में जी रहे हैं और उन चीजों को दिल में रखे हुए हैं जो तर्क के आधार पर किसी भी तरह से खरी नहीं उतरती। समाज में ऐसे लोग अंधविश्वास को बढ़ावा देते हैं और जादू टोने के नाम पर लोगों के सेंटिमेंट्स को भुनाते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
ऐसे इश्तिहार गैर-कानूनी हैं...
तर्कशील सोसायटी पंजाब के अमृतसर जिले के इंचार्ज सुमीत सिंह का कहना है कि ड्रग्स मैजिक रेमिडीज ऑब्जेक्शनेबल एडवरटाइज एक्ट 1954 के तहत ऐसे इश्तहार गैर-कानूनी है। टीवी चैनल पर इस तरह की एडवरटाइजमेंट केबल टीवी नेटवर्क रेगुलेशन एक्ट 1994 के तहत बैन है। देश के संविधान की धारा 51 (एएच) के तहत हर नागरिक को अधिकार है कि वह जहां कही भी ऐसे कुछ हो रहा देखे, इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए प्रशासन से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि सोसायटी मांग करती है कि महाराष्ट्र की तर्ज पर पंजाब विधानसभा में भी अंधविश्वास विरोधी कानून लाया जाए।

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