Sunday, January 27, 2013


दिल्ली गुरुद्वारा सिख मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव 

 
चंडीगढ़. छह साल बाद हो रहे दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (डीएसजीएमसी) के चुनाव के लिए प्रचार शुक्रवार को थम गया। आखिरी दिन दोनों प्रमुख पार्टियों शिरोमणि अकाली दल (बादल) और शिरोमणि अकाली दल (सरना गुट) के नेताओं ने जमकर प्रचार किया। मुख्य मुकाबला इन्हीं के बीच है।
पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने पार्टी के उम्मीदवार मनजीत सिंह और जसबीर सिंह जस्सा के पक्ष में प्रचार किया, जबकि परमजीत सिंह सरना ने पंजाबी बाग आदि में जोरदार प्रचार किया। शनिवार को को डोर-टू डोर प्रचार ही किया जा सकेगा।
 
बादल-शीला की प्रतिष्ठा दांव पर 
मनजीत पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल के करीबी हैं, जबकि परमजीत सरना दिल्ली की सीएम शीला दीक्षित के नजदीकी हैं। इसलिए चुनाव को बादल व शीला की प्रतिष्ठा से जोड़ा जा रहा है।
 
जीत के मायने
शिअद (ब) को भाजपा का समर्थन है। सरना ग्रुप को कांग्रेस सहयोग दे रही है। नवंबर में दिल्ली विधानसभा व 2014 में लोकसभा चुनाव हैं। इस चुनाव से दिल्ली के सिख वोटर्स का रुझान स्पष्ट होगा।
openion pol 
SAD BADAL 21 seats
SAD SARNA 20 seats
others 5 seats

opinion pol on dsgmc elections 2013


Opinion poll:Independent candidates to play vital role to capture power in Delhi Gurudwara elections

Sehajdhari Sikh party says : Non- baptized Sikhs will definitely fall under the category of Sehajdhari Sikhs and majority of the female voters will be affecting the polls.
The last moments of Delhi Sikh Gurudwara management committee elections are creating more indicating results towards the selection of supreme power for a religion . As  Punjab’s ruling party the Shiromani akai dal-Badal has invested heavily in this battle the Delhi party (Sarna group) is contesting in their own area with strong back-up.
feature
So National capital is flooded with rumors, statements and many more opinions about Sikh politics in this elections. NRI INDIA NEWS TV  has covered it s complete scenario and come up with the more concern about these elections that It is not just a Gurudwara elections , it is more than a fight of Supreme power of a Religion and  Sikh community. Before moving towards the result of opinion poll let’s take a look at at  certain political figures of DSGMC elections 2013  :
1.)    Total voters participating in elections : 4, 11,000
2.)    Jatt sikh migrated from Punjab 22-25%
3.)    55-60% Non-Jatt  Sikhs living  in Delhi  (Sikh traders in Delhi/migrated from pakistan) favoring SAD –Delhi (Sarna group)
4.)    Akali dal (Badal) having responses from 30-35% voters
5.)    In spite of that 10% general  category of voters can be seen in the bag of Independent candidates
6.)    Sahibpura has the highest voters approximately 37,000
7.)    Voters in Vishnu Garden area : 23,000
8.)    Paharganj : 1500 voters
Dailypostmail has covered various aspects of Delhi Sikh Gurudwara Management Committee elections in its  opinion survey which shows that :
Q . (A) Either Management of Gurudwara’s should be given in the hands of Delhi (Local)based groups or Punjab’s politically sponsored  groups ?
Survey : In this matter survey reveals the figures that more than 65%  localhites (Delhi residents/voters) are  in the favor of Sarna (SAD Delhi) group considering them as locals, on the other hand 30% voters shows interest in Shiromani akali Dal Badal  as outsiders.
Remaining percentage also is a deciding factor for both of the contesting parties as if they associate with or supporting a winning candidate, will also be a major factor in the DSGMC Polls 2013.
Q (B)  Allegations are in the air, that Sarna group is directly supported by ruling Congress in Delhi , and SAD-Badal are being labeled as agents of RSS ? 
Survey : Issue pertaining a major factor for shiromani akali dal badal of Being a part of RSS, is creating a setback in the mind of voters .. being a Sikh community where SAD (Badal) is seeking votes on the name of Religion , SAD (Delhi)headed by Sarna’s  is facing trouble with the allegations for getting support from congress .  It is to be considered here that Punjab’s ruling party Shiromani akali Dal is having an alliance with BJP in their own state .
poll 6

poll 3






Q (C ) How  female voters  can play an effective role  in Delhi Gurudwara elections   ?
Survey : Female voters will also be a decisive factor in this elections,  as the mind set up of female voters is that so called outsider group Badal’s is indulging in supply of intoxicants etc. to fetch their voters .
Q.(D) Sehajdhari Sikh party has also opposed the SAD-Badal  in this election.
Survey : Though the Delhi Sikh Gurudwara Act 1971 does not hold any particular place in definition for the Sehajdhari Sikhs in this election but still adhering to the definition of Sikh under section 2(n) of the Act 1971  there is no parameter with the Gurudwara Election Commission to measure the depth of unshorn hairs of the so-called Sikh voters.
poll 2
Hence the voters who are not baptized will definitely fall under the category of Sehajdhari Sikhs and majority of the female voters will be affecting the polls.
Q.(E)  Will the past Gurudwara violence incidents effect in this elections too?
Survey : Gurudwara fighting violence shall reflect negative for the Sarna group as 70% Sikh voters condemn this act in religious institution, this factor will also help SAD- Badal in this elections.
People are losing interest in elections, and it will give a lower percentage of the voters but it is mention able  here that there are chances of still a Major poll percentage in this year’s DSGMC elections as compared to the previous year’s.
It can go up to 30-40% polling and if the  polling percentage rises that can favor the chances of  winning  for SAD- Badal or otherwise low poll percentage shall favor winning   of the Sarna Group.
guru

NRI INDIA NEWS TV  survey concludes that overall trend of victory to overpower the DSGMC poll will remain in the hands of the Independents as both the parties can run for a horse trading if it comes to neck to neck fight ….
NRI INDIA NEWS TV  observed the following statistical data for total 46 seats in Gurudwara elections 2013 in which :
 SAD- Delhi (Sarna group)  : 20 seats
SAD –Badal  : 21 Seats
Independent candidates : 5 seats 

Thursday, November 8, 2012

बीवी के जरिए 'बिग बॉस' से सिद्धू को बुलवाएगी भाजपा


 

बीवी के जरिए \'बिग बॉस\' से सिद्धू को बुलवाएगी भाजपा
चंडीगढ़। भाजपा हाईकमान ने अमृतसर संसदीय क्षेत्र से अपने सांसद नवजोत सिंह सिद्धू को बिग बॉस से बाहर आने का फरमान जारी कर दिया है।
 
ये खुलासा सिद्धू की बीवी व भाजपा विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया। उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें पार्टी अध्‍यक्ष नितिन गडकरी का फोन आया था।
 
गडकरी ने उनसे कहा कि सिद्धू की जरूरत गुजरात चुनाव में है इसलिए वो बिग बॉस से बाहर आकर पार्टी के लिए काम करे। नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि सिद्धू एक दो दिन में बिग बॉस से बाहर आ जाएंगे।
 
इसके अलावा गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी ने भी खासतौर पर आग्रह किया है कि उन्‍हें गुजरात चुनाव में सिद्धू की बेहद जरूरत रहेगी है इसलिए वो जल्‍दी से जल्‍दी बिग बॉस से बाहर आ जाए। (देखिए, बिग बॉस के स्‍वीमिंग पूल में संपत पाल की तस्‍वीरें)
 
ये पूछे जाने पर कि पार्टी ने सिद्धू को सीधे ये फरमान जारी क्‍यों नहीं किए। इस पर नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वो परिवार की सदस्‍य हैं, इसलिए गडकरी ने उन्‍हें निर्देश दिया कि वो मीडिया में जाकर ये मैसेज दें।
 
वो पार्टी से इजाजत लेने के बाद ही बिग बॉस में गए थे। इसके अलावा वो खुद चाहती थी कि सिद्धू बिग बॉस में शामिल हो। टीवी शोज का मामला उनकी रोजी रोटी से  जुड़ा है और सिद्धू का ये प्रोफेशन  है। वो बिग बॉस में जाने के चार ऑफर पहले ही ठुकरा चुके थे। ऐसे में बार -बार इंकार करना उनके लिए ठीक  नहीं था। ये पूछे जाने पर कि बिग बॉस में भीतर कुछ गड़बड़ तो नहीं चल रहा है। उन्‍होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। 
 
उन्‍होंने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि सिद्धू एक दो दिन में बिग बॉस से बाहर आ जाएंगे।

दिल्ली को हाल-ए-हिमाचल बताएंगे वीरभद्र

शिमला — प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह आलाकमान को हाल-ए-हिमाचल बताने दिल्ली गए हैं। शनिवार तक उनकी शिमला वापसी संभावित है। सूत्रों का कहना है कि शिमला में कांग्रेस नेताओं की शनिवार-रविवार तक बैठक हो सकती है, जिसमें संभावित रणनीति पर विचार होगा। वीरभद्र सिंह द्वारा दिल्ली में आलाकमान को मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य की जानकारी देने की सूचना है। चुनावों के बाद जहां भाजपा फिर से बहुमत हासिल करते हुए सत्ता में आने के दावे कर रही है। वहीं कांग्रेस भी सरकार बनाने के दावे ठोंक रही है। इसी बीच कांग्रेस में ही जिन वरिष्ठ नेताओं के लिए उन्हीं के गृह क्षेत्र में दिक्कतें खड़ी की गई थीं, वे भी शिमला लौटकर अब बेबाक बयान देने लगे हैं। परोक्ष तरीके से उन्होंने कुछ नेताओं पर जो वार करने शुरू कर दिए हैं, उससे आने वाले दिनों में कांग्रेस की अंदरूनी सियासत गरमा सकती है। वह भी ऐसे में जब उन्होंने भ्रष्टाचार को हथियार बनाकर कांग्रेस के ही भीतर भावी सीएम की कतार में खड़े नेताओं को घेरने के भी संकेत दिए हैं। कौल सिंह ने जिस तरह से अपने चुनाव क्षेत्र में एक नेता द्वारा बागियों को शह दिए जाने के आरोप लगाए हैं, उससे कांग्रेस में अंदरूनी सियासत फिर से सुलगती दिख रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कई और नेता भी बागियों को शह देने के आरोपों के तहत हाइकमान को शिकायत करने की तैयारी में है। इसकी बकायदा रिपोर्ट भी तैयार की गई हैं। कांग्रेस को मौजूदा चुनावों में मंडी, कांगड़ा, शिमला, सोलन और चंबा के साथ-साथ कुल्लू व किन्नौर में भी भाजपा की ही तर्ज पर भितरघात से दो-चार होना पड़ा है। लिहाजा माना जा रहा है कि हाइकमान आने वाले दिनों में इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी सिफारिश कर सकती है।

अखरने लगे 46 दिन


शिमला — चुनावी नतीजों की देरी पर नेता इस कद्र आहत होने लगे हैं कि उन्होंने अब चुनाव आयोग को निशाने पर ले लिया है। बुधवार को कांग्रेस की तरफ से पूर्व अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर ने भी कहा कि गुजरात चुनाव से दस रोज पहले हिमाचल विधानसभा चुनाव करवाए जाते तो सही था। 46 दिन का लंबा इंतजार नेताओं को ही नहीं, अफसरों व आम व्यक्ति को भी अब अखरने लगा है। सरकार ने जिन योजनाओं को सिरे चढ़ाना था, वे थम सी गई हैं।  हर अनुमति के लिए चुनाव आयोग के दर दस्तक देनी पड़ रही है। हिमाचल में एक हजार करोड़ के लगभग पीएमजीएसवाई के दूसरे चरण का प्रोजेक्ट लागू किया जाना प्रस्तावित है। सूत्रों के मुताबिक इस संदर्भ में तमाम औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं, मगर चुनाव आचार संहिता 24 दिसंबर तक लागू होने की वजह से पूरा कार्य थम चुका है। यही नहीं औद्योगिक क्षेत्र में अब न तो सिंगल विंडो की बैठक हो सकती है और न ही उन सीमेंट कारखानों को अनुमति मिल सकती है, जिनके लिए 15 नामी कंपनियां लाइन में खड़ी हैं। यह कारखाने जिला शिमला व मंडी में लगाए जाने प्रस्तावित हैं। इनके लिए उद्योग विभाग ने सर्वेक्षण भी पूरे कर रखे हैं। यही नहीं अधिकारी व कर्मचारी भी मजबूरी के आलम में राजनीतिक चर्चाएं करने के लिए विवश दिख रहे हैं। शायद ही ऐसा कोई अदारा हो, जहां भावी सरकार पर चर्चा न होती दिख रही हो। कोई भाजपा का मिशन रिपीट करवा रहा है तो कोई कांग्रेस की बढ़त के दावे कर रहा है। इतनी लंबी समय अवधि की चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण आम व्यक्ति भी आहत दिख रहा है। दूरदराज के जिन इलाकों के लोगों को हिमाचल प्रदेश सचिवालय समेत अन्य सरकारी महकमों से कार्य निपटाने आवश्यक रहते हैं, वे भी अब मजबूर दिख रहे हैं। एक आला अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दो तीन रोज में जनहित से जुड़े कार्यों को भी निपटाने की अनुमति दी जा सकती है, ताकि आम आदमी को दिक्कतें न आएं।


हिमाचल चुनाव


ये हैं आमने-सामने

जिला कांगड़ा

विस क्षेत्र

कुल प्रत्याशी

  भाजपा

     कांग्रेस

हिलोमो

निर्दलीय/अन्य

कांगड़ा9संजय चौधरीसुरेंद्र काकू—–सात
जवाली9अर्जुन सिंहनीरज भारतीरविंद्र सिंहछह
देहरा16रविंद्र सिंह रविराजेंद्र राणादुर्गेश पाल13
जसवां-परागपुर8विक्रम ठाकुरनिखिल राजौरनवीन धीमानपांच
सुलाह8विपिन परमारजगजीवन पालदीपक नागपांच
शाहपुर7सरवीण चौधरीमेजर मनकोटियाबलबीरचार
पालमपुर9प्रवीण शर्माबृज बिहारी बुटेलदूलो रामछह
नूरपुर5रणवीर निक्काअजय महाजन—–तीन
इंदौरा7रीता धीमानकमल किशोर—-पांच
फतेहपुर8बलदेव ठाकुरसुजान सिंह—-छह
ज्वालामुखी5रमेश धवालासंजय रतन—-तीन
जयसिंहपुर8कै. आत्मा रामयादवेंद्र गोमाबच्चन सिंहपांच
नगरोटा बगवां8मंगल चौधरीजीएस बाली—-छह
धर्मशाला14किशन कपूरसुधीर शर्मा—-12
बैजनाथ8मुलख राज प्रेमीकिशोरी लालऊधो रामपांच

जिला कुल्लू

मनाली6गोबिंद ठाकुरभुवनेश गौड़वीर चंदतीन
कुल्लू सदर6राम सिंहसुंदर ठाकुरमहेश्वर सिंहतीन
बंजार5खीमी रामकर्ण सिंह—-तीन
आनी5किशोरी लालखूब रामनंद लालदो

जिला मंडी

मंडी सदर8दुर्गा दत्त ठाकुरअनिल शर्माहरीश शर्मापांच
सुंदरनगर5राकेश जम्वालसोहन लाल—-तीन
करसोग6हीरा लालमंशा रामउत्तम चंदतीन
बल्ह9इंद्र सिंह गांधीप्रकाश चौधरीनेत्र सिंहछह
सिराज4जय राम ठाकुरतारा ठाकुर—-दो
जोगिंद्रनगर7गुलाब सिंहसुरेंद्र पाल ठाकुर—-पांच
धर्मपुर8महेंद्र सिंहचंद्रशेखरअभिमन्युचार
नाचन6विनोद कुमारटेक चंद डोगराखेम राजतीन
सरकाघाट8कर्नल इंद्र सिंहरंगीला राम रावकंवर सिंहपांच
द्रंग6जवाहर ठाकुरकौल सिंह ठाकुरकपिल ठाकुरतीन

जिला सिरमौर

नाहन6राजीव बिंदलकुश परमारश्यामा शर्मातीन
पांवटा साहिब5सुखराम चौधरीस. ओंकार सिंह—–तीन
पच्छाद6सुरेश कश्यपगंगू राम मुसाफिरदेश राजतीन
शिलाई5बलदेव तोमरहर्षवर्द्धन—-तीन
श्रीरेणुकाजी4हिरदा रामविनय कुमार—-तीन

जिला शिमला

शिमला शहर4सुरेश भारद्वाजहरीश जनार्थाटिकेंद्र पंवरएक
शिमला ग्रामीण3ईश्वर रोहालवीरभद्र सिंहगौरव शर्मा—-
कुसुम्पटी4प्रेम ठाकुरअनिरुद्ध सिंहबालनाहटाएक
ठियोग4राकेश वर्माविद्या स्टोक्सराकेश सिंघाएक
रामपुर3प्रेम सिंह द्रैकनंद लालनींजू राम—-
रोहड़ू3बालक राम नेगीमदन लाल बरागटारतन जिंटा—-
चौपाल2सीमा मेहतासुभाष मंगलेट—-—-
जुब्बल-कोटखाई2नरेंद्र बरागटारोहित ठाकुर—-—-

जिला किन्नौर, लाहुल-स्पीति

किन्नौर5तेजवंत सिंहजगत सिंह नेगीचेतरामदो
लाहुल-स्पीति6रामलाल मार्कंडेयरवि ठाकुरचार

जिला हमीरपुर

हमीरपुर सदर7प्रेम कुमार धूमलनरेंद्र ठाकुर—-पांच
सुजानपुर7उर्मिल ठाकुरअनिता वर्मा—-पांच
नादौन3विजय अग्निहोत्रीसुखविंद्र सुक्खूबाबू राम
भोरंज5आईडी धीमानडा. रमेश डोगरापवन चंदेलदो
बड़सर7बलदेव शर्माइंद्र दत्त लखनपालसतीशचार

जिला चंबा

चंबा सदर8बीके चौहानपवन नैयर—-छह
भरमौर5जिया लालठाकुर सिंह भरमौरी—-तीन
भटियात6विक्रम जरियालकुलदीप पठानिया—-चार
चुराह3हंस राजसुरेंद्र भारद्वाज—-एक
डलहौजी5रेणु चड्डाआशा कुमारी—-तीन

जिला ऊना

चिंतपूर्णी6बलबीर चौधरीकुलदीप कुमाररामलोकतीन
गगरेट10सुशील कालियाराकेश कालियानरेंद्र परमारसात
हरोली5राम कुमारमुकेश अग्निहोत्रीतीन
ऊना सदर6सतपाल सत्तीसतपाल रायजादाचार
कुटलैहड़7वीरेंद्र कंवररामदास मलांगड़सुनीताचार

जिला बिलासपुर

बिलासपुर सदर7सुरेश चंदेलबंबर ठाकुरदौलत रामचार
झंडूता5रिखी रामबीरू राम किशोरकश्मीर चंददो
घुमारवीं7राजेंद्र गर्गराजेश धर्माणीकेडी धर्माणीचार
श्रीनयनादेवी6रणधीर शर्मारामलाल ठाकुरचार

जिला सोलन

अर्की11गोबिंद शर्मासंजय अवस्थी—-नौ
नालागढ़6केएल ठाकुरलखविंद्र राणाभोला रामतीन
दून7विनोद चंदेलराम कुमारदलजीत सिंहचार
सोलन सदर8शीलाधनी राम शांडिलओपी कांतपांच
कसौली7राजीव सहजलविनोद सुल्तानपुरी—-पांच

बागी उतारने वालों की रपट हाइकमान के पास



शिमला — कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर ने दावा किया है कि कांग्रेस बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ बागी या निर्दलीय उम्मीदवार उतारे हैं, उनकी खबर पार्टी हाइकमान को पहले से ही है। चूंकि ऐसे ही नेताओं ने उन्हें टिकट देने की सिफारिश कर रखी थी। इस दौरान पार्टी महासचिव कुलदीप सिंह राठौर, शहरी कांग्रेस के महासचिव संदीप कुठियाला, पूर्व उपमहापौर शशि शेखर चिन्नू भी मौजूद थे। कौल सिंह ने कहा कि कांग्रेस यदि सत्ता में आती है तो भावी सीएम का अंतिम फैसला सोनिया गांधी परंपरा के मुताबिक लेंगी। इस मामले में किसी भी तरह की दबावी प्रक्रिया नहीं चलने वाली। उत्तराखंड की मिसाल हिमाचल के सामने है। उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस का ऐलान पहले ही कर चुकी है, जिसके तहत कई केंद्रीय मंत्रियों को अपने पद से हाथ धोना पड़ा और आरोप साबित होने पर जेल भी भेजा गया। उन्होंने प्रदेश में बड़ी रैलियां करने के लिए पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी, महासचिव राहुल गांधी और प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह का आभार व्यक्त किया। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी का दो बार अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने पूरे प्रदेश का दौरा किया था। वह अपने चुनाव क्षेत्र को समय ही नहीं दे सके थे, लिहाजा उन्हें चुनाव के दौरान ज्यादा तवज्जो देनी पड़ी। उन्होंने कांगड़ा से चंद्रेश कुमारी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए सोनिया गांधी व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह का आभार व्यक्त किया।

Sunday, November 4, 2012

3 बजे तक 55फीसद से ज्‍यादा मतदान,कांगड़ा में 60 के पार


शिमला।हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों के लिए के लिए दोपहर 1 बजे तक 45 फीसद से ज्‍यादा वोटिंग हो चुकी  है। कांग्ड़ा के शाहपुर हलके में  ये प्रतिशत पचास को पार गया है। यहां से कांग्रेस पाटर्भ्‍ के प्रत्‍याशी मेजर विजय सिंह मनकोटिया की प्रतिष्‍ठा दांव पर है।सुबह धीमी रफ्तार से मतदान शुरू हुआ । सुबह आठ बजे से ही जाड़े के बीच मतदान केंद्रों के बाहर कतारों में वोटर पहुंच गए है। 
जिला कांगड़ा में कांग्रेस प्रत्‍याशी और पूर्व मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के धूर विरोधी मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने शाहपुर के रछाड़ू पोलिंग बूथ में वोट डाला। वहीं भाजपा प्रत्‍याशी किशनकपूर ने पटोला पोलिंग बूथ पर अपने मत का इस्‍तेमाल किया।      किशन कपूर और कांग्रेस प्रत्‍याशी सुधीर शर्मा एक ही समय  पर वोट डालने आए। उन्‍हें सुबह नौ बजे वोट डालने का मुहूर्त मिला था। दोनों मतदान केंद्र पर पहुंचे और दुआ सलाम तक नहीं किया।  प्रदेश के सीएम प्रेम कुमार धूमल12 बजे के करीब अपना वोट डालेंगे। पहले उन्‍हें सुबह नौ बजे वोट डालना था। लेकिन उन्‍होंने अपना प्रोग्रैम चेंज कर दिया।     

  हिमाचल लोक मोर्चा के प्रमुख महेश्वर सिंह ने डाला वोट भाजपा से अलग हुए पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने कुल्लू में अपने गांव में सुबह अपने मतदान का इस्‍तेमाल किया । उन्‍होंने सवा आठ बजे के करीब अपना वोट डाला। शिमला में  केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने लॉंगवुड में पोलिंग बुथ पर अपना वोट डाला।  

उधर कांग्रेस प्रत्‍याशी हरीश जनारथा ने संजौली में वोट कास्‍ट किया। ।  भाजपा प्रत्‍याशी व विधायक सुरेश भारद्वाज ने छोटा शिमला पोलिंग बूथ में अपने मत का इस्‍तेमाल किया। जबकि वामपंथी नेता व डिप्‍टी मेयर टिकेंद्र पंवर  ने  ताराहॉल पोलिंग बूथ पर अपने मतदान कर इस्‍तेमाल किया।     

जिला मंडी में सुखराम ने डाला वोट टेलीकॉम घोटाले से कभी सुर्खियों में रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम ने मंडी में  वोट डाला। उनके बेटे अनिल शर्मा ने भी वोट कॉस्‍ट कर दिया है। ये दोनों अलग अलग समय पर पोलिंग बूथ पर पहुंचे। सुखराम ने कांग्रेस के लिए वीरभ्रद सिंह के साथ कई रैलियां की थी।

 उधर धूमल सरकार में मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने धर्मपुर में अपने मत का इस्‍तेमाल किया। जबकि जयराम ने चच्‍योट और प्रदेश कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष कौल सिंह ने द्रंग में वोट कॉस्‍ट किया।  मंडी में सुबह नौ बजे तक सात फीसद वोट कॉस्‍ट हुए । 11 बजे तक जिला कांगड़ा में 27 प्रतिशत से ज्‍यादा,मंडी में 28 प्रतिशत से ज्‍यादा मतदान हो चुका है। 
 हिमाचल में 7253 मतदान केंद्रों पर मतदान चल रहा है।l मतदान के लिए सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए है और सुरक्षा बलों की साठ कंपनियों को तैनात किया गया है। हिमाचल में काउंटिंग 20 दिसंबर को होनी है। 

हिमाचल विधानसभा की सभी 68 सीटों पर हो रहा है मतदान आज



शिमला : हिमाचल प्रदेश में कल 68 विधानसभा सीटों के लिए रविवार को होने वाले चुनाव को लेकर उम्मीदवारों के दिलों की धड़कनें बढ़ गई हैं। चुनाव प्रेम कुमार धूमल और वीरभद्र सिंह जैसे दिग्गजों

 के लिए अग्निपरीक्षा है जिन्होंने अपने-अपने ढंग से मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की है। कांग्रेस ने जहां अपने चुनाव प्रचार में सत्ता विरोधी लहर पैदा करने की कोशिश की, वहीं सत्तारुढ़ भाजपा ने महंगाई और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर अपनी पूरी ताकत झोंक दी।

भाजपा और कांग्रेस सभी 68 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि बसपा ने 66 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। हिमाचल लोकहित पार्टी (36), तृणमूल कांग्रेस (25), सपा (16), माकपा (15), राकांपा (12), स्वाभिमान पार्टी (12), भाकपा (7) और शिवसेना चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 105 निर्दलीय भी चुनावी अखाड़े में अड़े में हैं। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में भाजपा पंजाब की तर्ज पर हिमाचल में इतिहास लिखने की उम्मीद लगाए बैठी है। पंजाब में अकाली भाजपा गठबंधन ऐतिहासिक परिपाटी के विपरीत लगातार दूसरी बार सत्ता में आया था। काफी हद तक पंजाब की तरह ही हिमाचल में भी 1977 से कभी किसी दल की लगातार दूसरी बार सरकार नहीं बनी। 4 नवम्बर का चुनाव साबित करेगा कि भाजपा इतिहास बना पाती है या फिर कांग्रेस उत्तराखंड को दोहराती है।

चुनाव मैदान में ताल ठोंकने वाले कुल 459 प्रत्याशियों में से 27 महिलाएं हैं। चुनाव के लिए 7253 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सबसे ऊंचा मतदान केंद्र 15 हजार फुट की ऊंचाई पर लाहौल स्पीति के हिक्किम में स्थापित किया गया है। मतों की गिनती 20 दिसंबर को होगी। वर्ष 2007 में 41 सीटों पर भाजपा जीती थी जबकि कांग्रेस 23 सीटों में ही सिमट गई थी। निर्दलीय तीन सीटों पर विजयी रहे थे और बसपा सिर्फ एक सीट पर ही कब्जा करने में कामयाब हो पाई थी। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों के लिए राज्य में भ्रष्टाचार एक बड़ा चुनावी मुद्दा है। कांग्रेस को कोयला, 2जी और राष्ट्रमंडल खेल जैसे घोटालों की वजह से गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि, समूचे चुनाव प्रचार में भ्रष्टाचार का आरोप बड़ा मुद्दा बना रहा, लेकिन कांग्रेस ने धमूल और उनके मंत्रिमंडल सहकर्मियों पर जवाबी हमला कर इनके प्रभाव को कम करने की कोशिश की है। वीरभद्र सिंह सार्वजनिक रूप से धूमल पर यह आरोप लगा चुके हैं कि उन्होंने कीमती जमीन कम दामों पर खास लोगों को दे दी। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वीरभद्र के खिलाफ भाजपा का आक्रामक वार उस समय कुछ कुंद पड़ गया जब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर भी आरोप लग गए। कल तक के परिदृश्य के अनुसार महंगाई का मुद्दा सबसे मजबूत मुद्दा बनकर उभरा है। भाजपा नेतृतव ने घरेलू गैस और डीजल के दामों में वृद्धि को कांग्रेस के खिलाफ सशक्त हथियार के रूप में इस्तेमाल किया और मतदाताओं से कहा कि ऐसे में उनके घर का खर्च कैसे चलेगा।

हिमाचल जहां रेल नेटवर्क नगण्य है, वहां डीजल अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है और घर पर वैकल्पिक ईंधन के अभाव में एलपीजी गैस भी काफी जरूरी है। धूमल ने कांग्रेस नीत केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटाए जाने पर इंडक्शन चूल्हा पेश कर 22.31 लाख महिला मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की। स्थानीय कांग्रेस नेताओं को इसके चलते आखिरी क्षणों में एलपीजी के दामों में एक और वृद्धि को वापस लेने के लिए केंद्र पर दबाव बनाना पड़ा।

भाजपा के बागियों द्वारा बनाई गई हिमाचल लोकहित पार्टी ने लड़ाई को रोचक बना दिया है। 68 में से 22 सीटों पर बागी असर डाल सकते हैं। 2007 के चुनावों में भी ऐसा ही हुआ था जब 22 सीटों पर जीत का फासला ढाई हजार से कम मतों का था। 40 सीटों पर जीत का अंतराल पांच हजार से कम मतों का था। ऐसे में धूमल और वीरभद्र की शक्ति आखिरी क्षणों में प्रभावित हो सकती है।

हिमाचल में 50.01 प्रतिशत मत अगड़ी जातियों के हैं। अनुसूचित जाति 25.59, अन्य पिछड़ा वर्ग 4.32 और अल्पसंख्यकों के तीन प्रतिशत मत हैं। परंपरागत तौर पर अनुसूचित जातियों का वोट कांग्रेस के खाते में जाता रहा है। हिमाचल लोकहित पार्टी के रूप में तीसरी ताकत, बसपा, राकांपा और तृणमूल कांग्रेस की उपस्थिति भी परिणामों पर असर डालेगी। निर्दलीय भी चुनावी गणित को प्रभावित करेंगे जिन्हें 2007 में आठ प्रतिशत मत मिले थे। उस समय भाजपा को 43.78 प्रतिशत और कांग्रेस को 38.90 प्रतिशत मत मिले थे। पिछले चुनाव में बसपा ने 7.26 प्रतिशत मत हासिल किए थे। माकपा के खाते में 0.57 और भाकपा की झोली में 0.19 प्रतिशत वोट गए थे।

इस बार हिमाचल लोकहित पार्टी का हिस्सा बने वाम दल अपने प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। दो बार मुख्यमंत्री रहे धूमल यदि जीत दोहराते हैं तो 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में उनकी ताकत बढ़ जाएगी। इस चुनाव में सबकी नजरें कांग्रेस की 84 वर्षीय विद्या स्टोक्स पर भी होंगी जो चुनाव में सबसे उम्रदराज उम्मीदवार हैं।

Sunday, October 14, 2012

हिमाचल चुनाव मैदान में भाजपा ने उतारे पंजाब के नेता



  
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चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी जीत दर्ज करने के बाद अब इसी सफलता भाजपा हिमाचल में भी दोहराना चाहती है। पंजाब की सीमा से लगती 25 सीटों की जिम्मेदारी भाजपा के संगठन सचिव अजय जामवाल को सौंपी गई है। जामवाल ने पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ इस संबंधी विचार विमर्श किया। पार्टी के मीडिया प्रभारी विनीत जोशी ने बताया कि पंजाब के नेताओं की हिमाचल में ड्यूटी लगाई जा रही है।
जोशी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा इंदौरा, फतेहपुर, जावली और डेहरा के चुनाव अभियान की कमान संभालेंगे। उनका सहयोग नूरपुर क्षेत्र में गुरदासपुर भाजपा के जिला अध्यक्ष राकेश ज्योति और प्रदेश भाजपा एससी मोर्चा के महासचिव बीएस धूपड़ सहयोग करेंगे। इसी तरह इंदौरा में पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर दिनेश ठाकुर (बब्बू) होंगे, जबकि विधायक सीमा देवी और पठानकोट जिला भाजपा के अध्यक्ष नरिंदर परमार फतेहपुर में, पूर्व कैबिनेट मंत्री अरुणेश शाकर व पठानकोट जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन सतीश महाजन जवाली में और एनआरआई सेल के संयोजक जवाहर खुराना डेहरा में सहयोग करेंगे।
जोशी ने बताया कि अजय जमवाल पार्टी के कार्यसमिति सदस्य नीरज तायल के साथ बैजनाथ, पालमपुर, धर्मशाला, शाहपुर और सुलह में चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। उनका साथ बैजनाथ में जालंधर देहाती (उत्तरी) के अध्यक्ष अरुण शर्मा देंगे, जबकि जालंधर भाजपा के महासचिव अनिल सच्चर पालमपुर में, मोहाली के जिला प्रधान सुखविंदर सिंह गोल्डी धर्मशाला में स्थानीय निकाय सेल के कन्वीनर उमेश दत्त शारदा और एच आरटी सेल के कन्वीनर गुरतेज सिंह ढिल्लो शाहपुर में और युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश हनी व महासचिव मालविंदर सिंह कंग समेत सुलह में उनका साथ देंगे।
पंजाब भाजपा के महासचिव मनजीत सिंह राय जासवां, परागपुर, ज्वालामुखी, जयसिंहपुर, नगरोटा और कांगडा के चुनाव अभियान की कमान संभालेंगे। उनके साथ जासवां-परागपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरुणेश शाकर व पूर्व चेयरमैन रघुनाथ सिंह राणा होंगे। इसी तरह ज्वालामुखी में एनजीओ सेल के कन्वीनर एसके देव और पंकज चावला, जससिंहपुर में पंचयती राज सेल के कन्वीनर त्रिलाचन सिंह, नगरोटा में पंजाब खादी बोर्ड के पूर्व चेयरमैन विजय सांपला व खन्ना भाजपा के महासचिव बिक्रमजीत सिंह चीमा और कांगडा में मुख्य संसदीय सचिव केडी भंडारी व पंजाब भाजपा के महासचिव जीवन गुप्ता होंगे।
जोशी ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार व पंजाब भाजपा के महासचिव कमल शर्मा हडौली, गगरेट, ऊना, कुटलेहार और चिंतपूर्णी के चुनाव अभियान की कमान संभालेंगे। हडौली में चंडीगढ़ भाजपा के महासचिव रविकांत शर्मा और अरुण सूद उनका साथ देंगे। इसी तरह गगरेट में पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद व आईटी सेल चंडीगढ़ के कन्वीनर रतिंदर पठानिया, ऊना में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महिंदरपाल मान व चंडीगढ़ भाजपा के जिला प्रधान कमला शर्मा, कुटलेहार में चंडीगढ़ भाजपा के महासचिव रामवीर भट्टी और चिंतपूर्णी में विधायक मनोरंजन कालिया और भाजपा युवा मोर्चा चंडीगढ़ के महासचिव सत्यभान शेरा उनका साथ देंगे।
उन्होंने बताया कि इनके अलावा पार्टी की ओर से किसान मोर्चा के महासविच रजनीश बेदी को बिलासपुर, नंगल कौंसिल के प्रधान राकेश चौधरी को नैना देवी, जालंधर के पूर्व मेयर राकेश राठौर को हमीरपुर, कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी को डलहौजी और भाजपा के प्रदेश सचिव जगदीप सिंह सोढ़ी को सुंदर नगर भेजा गया है।

Thursday, October 11, 2012

रात 11 बजे दो लड़कियां लापता


BARNALA

 
 बरनाला शहर में बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे 10-11 साल की दो लड़कियां लापता हो गई। दोनों लड़कियां साइकिल पर घर से गई थी। हालांकि सूचना मिलते पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी लेकिन रात 11 बजे रेलवे स्टेशन से साइकिल बरामद किए जाने के अलावा कोई सुराग नहीं लगा है।
संघेड़ा रोड पर स्थित भूरीवालों की कुटिया के पास रहते ओमप्रकाश की 10 साल की बड़ी बेटी सोनिया और उसके पास ही मोहल्ले में रहते गुरदीप सिंह की इतनी ही उम्र की बेटी नवदीप बुधवार देर शाम को साइकिल पर सवार होकर घर से निकली थी। सोनिया के मामा विजय ने बताया कि उसकी भांजी सोनिया अपनी सहेली की साइकिल पर सवार हो अपनी अध्यापिका के पास जाने और थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर गई थी। काफी देर तक वह वापस न लौटी तो उन्होंने अध्यापिका से संपर्क किया। पता चला कि वह तो कब की चली गई हैं। फिर उन्होंने बाकी सहेलियों के घर से पूछा पर कुछ पता नहीं चला। आखिर परेशान होकर सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने तुरंत पूरे शहर पर नाकाबंदी करवा दी। आखिरकार रात 11 बजे लड़की नवदीप की साइकिल रेलवे स्टेशन बरनाला से मिला लेकिन लड़कियों का कोई सुराग नहीं लग पाया। दोनों लड़कियों के परिजनों का रो-रोकर हाल-बेहाल था। सोनिया की दो छोटी बहनें अनिता व मोनिका अपनी बहन के लापता होने के कारण काफी आंसू बहा रही हैं। उधर, थाना प्रभारी एचपी सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि लड़कियों का सुराग लगाने के लिए नाकाबंदी की हुई है।
10 बीएनएल 21 बरनाला: घर से लापता हुई अपनी भांजी के घर लौटने का इंतजार करते उसके मामा विजय और सोनिया की दोनों छोटी बहनें अनिता व मोनिका, जिनका रो-रोकर हाल बेहाल हुआ पड़ा है।

ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਦੋ ਦਰਜਨ ਤੋਂ ਵੱਧ ਆਈ. ਪੀ. ਐਸ. ਪੀ. ਪੀ. ਐਸ. ਅਫਸਰਾਂ ਦੇ ਤਬਾਦਲੇ


ਬਟਾਲਾ, ਬਠਿੰਡਾ, ਖੰਨਾ, ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ, ਫਰੀਦਕੋਟ, ਮੁਕਤਸਰ, ਬਰਨਾਲਾ ਦੇ ਐਸ ਐਸ ਪੀ ਤਬਦੀਲਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਦੋ ਦਰਜਨ ਤੋਂ ਵੱਧ ਆਈ. ਪੀ. ਐਸ. ਪੀ. ਪੀ. ਐਸ. ਅਫਸਰਾਂ ਦੇ ਤਬਾਦਲੇ 


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ਪਰਮਰਾਜ ਸਿੰਘ ਦਾ ਡੀ. ਆਈ. ਜੀ. ਬਾਰਡਰ ਰੇਂਜ ਵਜੋਂ ਤਬਾਦਲਾ

ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ, 11 ਅਕਤੂਬਰ  : ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਅੱਜ ਖਾਲੀ ਪਈਆਂ ਅਸਾਮੀਆਂ ਨੂੰ ਭਰਨ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕੀ ਆਧਾਰ 'ਤੇ 27 ਸੀਨੀਅਰ ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੀਆਂ ਤੁਰੰਤ ਬਦਲੀਆਂ ਤੇ ਤੈਨਾਤੀਆਂ ਕਰਨ ਦੇ ਹੁਕਮ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਹਨ।
ਅੱਜ ਇੱਥੇ ਇਹ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਇੱਕ ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਹੁਕਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਏ.ਡੀ.ਜੀ.ਪੀ/ਟ੍ਰੈਫ਼ਿਕ ਸ਼੍ਰੀ ਆਰ.ਪੀ. ਸਿੰਘ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਬਦਲ ਕੇ ਐਮ.ਡੀ. ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਹਾਊਸਿੰਗ ਕਾਰਪੋਰੇਸ਼ਨ (ਪੀ.ਪੀ.ਐਚ.ਸੀ) ਲਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ./ਪ੍ਰੋਵਿਜ਼ਨਿੰਗ ਸ਼੍ਰੀ ਅਰਪਿਤ ਸ਼ੁਕਲਾ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ. ਹੈਡਕੁਆਟਰ ਲਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ. ਹੈਡਕੁਆਟਰ ਡਾ. ਐਸ.ਐਸ. ਚੌਹਾਨ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ. ਟ੍ਰੈਫ਼ਿਕ, ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ. ਕਰਾਇਮ ਸ਼੍ਰੀ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਬਦਲ ਕੇ ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ. ਮਾਡਰਨਾਈਜੇਸ਼ਨ ਲਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ।
ਬੁਲਾਰੇ ਅਨੁਸਾਰ ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ. ਮਾਡਰਨਾਈਜੇਸ਼ਨ ਸ਼੍ਰੀ ਏ.ਐਸ. ਰਾਏ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਬਦਲ ਕੇ ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ. ਪ੍ਰੋਵਿਜ਼ਨਿੰਗ, ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ. ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼੍ਰੀਮਤੀ ਸ਼ਸ਼ੀ ਪ੍ਰਭਾ ਦਿਵੇਦੀ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ. ਕਰਾਇਮ, ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ. ਟ੍ਰੈਫ਼ਿਕ ਸ਼੍ਰੀ ਆਰ.ਪੀ.ਐਸ. ਬਰਾੜ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਆਈ.ਜੀ.ਪੀ./ਕਮਿਉਨਿਟੀ ਪੁਲਿਸਿੰਗ ਤੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ, ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ. ਪੀ.ਆਰ. ਸ਼੍ਰੀ ਐਲ.ਕੇ. ਯਾਦਵ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ. ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਲਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ. ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਸ਼੍ਰੀ ਅਰੁਨਪਾਲ ਸਿੰਘ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ. ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਪੀ.ਏ.ਪੀ., ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ. ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਰੇਂਜ ਸ਼੍ਰੀ ਪਰਮਰਾਜ ਸਿੰਘ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਬਦਲ ਕੇ ਡੀ.ਆਈ.ਜੀ. ਬਾਰਡਰ ਰੇਂਜ ਲਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ।
ਬੁਲਾਰੇ ਅਨੁਸਾਰ ਸੁਪਰਡੰਟ ਕੇਂਦਰੀ ਜੇਲ੍ਹ ਕਪੂਰਥਲਾ ਵਜੋਂ ਤਬਾਦਲੇ ਅਧੀਨ ਸ਼੍ਰੀ ਤੁਲਸੀ ਰਾਮ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਬਟਾਲਾ, ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਬਟਾਲਾ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਜਪਾਲ ਸਿੰਘ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਕਮਾਂਡੈਂਟ ਚੌਥੀ ਆਈ.ਆਰ.ਬੀ. ਕਪੂਰਥਲਾ, ਡੀ.ਸੀ.ਪੀ. ਲੁਧਿਆਣਾ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਤੂਰ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਫਰੀਦਕੋਟ, ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਫਰੀਦਕੋਟ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਢਿਲੋਂ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਕਮਾਂਡੈਂਟ ਪੰਜਵੀਂ ਕਮਾਂਡੋ, ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਖੰਨਾ ਸ਼੍ਰੀ ਰਵਚਰਨ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਬਦਲ ਕੇ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਬਠਿੰਡਾ ਲਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ।
ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਬਠਿੰਡਾ ਸ਼੍ਰੀ ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਬਦਲ ਕੇ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ, ਐਸ.ਅੇਸ.ਪੀ. ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਸ਼੍ਰੀ ਬਲਕਾਰ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਕਮਾਂਡੈਂਟ ਪਹਿਲੀ ਆਈ.ਆਰ.ਬੀ. ਪਟਿਆਲਾ, ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਸ਼੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਸ਼੍ਰੀ ਇੰਦਰਮੋਹਨ ਸਿੰਘ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਖੰਨਾ, ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਬਰਨਾਲਾ ਸ਼੍ਰੀ ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਸ਼੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ, ਐਸ.ਐਸ.ਓ.ਸੀ. (ਇੰਟੈਲੀਜੈਂਸ) ਸ਼੍ਰੀ ਐਸ.ਭੂਪਤੀ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਡੀ.ਸੀ.ਪੀ. ਲੁਧਿਆਣਾ, ਕਮਾਂਡੈਂਟ ਪਹਿਲੀ ਆਈ.ਆਰ.ਬੀ. ਪਟਿਆਲਾ ਸ਼੍ਰੀ ਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਬਰਨਾਲਾ, ਡੀ.ਸੀ.ਪੀ. ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਸ਼੍ਰੀ ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਕਮਾਂਡੈਂਟ ਤੀਜੀ ਆਈ.ਆਰ.ਬੀ. ਲੁਧਿਆਣਾ, ਕਮਾਂਡੈਂਟ ਦੂਜੀ ਕਮਾਂਡੋ ਬਟਾਲੀਅਨ ਬਹਾਦਰਗੜ੍ਹ ਸ਼੍ਰੀ ਸੁਖਵੰਤ ਗਿੱਲ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਕਮਾਂਡੈਂਟ ਤੀਜੀ ਕਮਾਂਡੋ ਬਟਾਲੀਅਨ ਮੁਹਾਲੀ, ਕਮਾਂਡੈਂਟ ਤੀਜੀ ਕਮਾਂਡੋ ਬਟਾਲੀਅਨ ਮੁਹਾਲੀ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਕੇਸ਼ ਕੌਸ਼ਲ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਏ.ਆਈ.ਜੀ. ਇੰਟੈਲੀਜੈਂਸ, ਕਮਾਂਡੈਂਟ 75ਵੀਂ ਬਟਾਲੀਅਨ ਪੀ.ਏ.ਪੀ. ਜਲੰਧਰ ਸ਼੍ਰੀ ਨਵੀਨ ਸੈਣੀ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਏ.ਆਈ.ਜੀ. ਪੀ.ਪੀ. ਸੀ.ਆਰ., ਐਸ.ਪੀ. ਸਪੋਰਟਸ ਪੀ.ਏ.ਪੀ. ਸ੍ਰੀ ਮਨਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਕਮਾਂਡੈਂਟ 75ਵੀਂ ਬਟਾਲੀਅਨ ਪੀ.ਏ.ਪੀ. ਜਲੰਧਰ, ਏ.ਡੀ.ਸੀ.ਪੀ.-ਚੌਥੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਸ਼੍ਰੀ ਸੁਸ਼ੀਲ ਕੁਮਾਰ ਪੀ.ਪੀ.ਐਸ. ਨੂੰ ਕਮਾਂਡੈਂਟ ਦੂਜੀ ਕਮਾਂਡੋ ਬਟਾਲੀਅਨ ਬਹਾਦਰਗੜ੍ਹ ਅਤੇ ਸ਼੍ਰੀ ਸੁਰੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਸ਼ਰਮਾ ਨੂੰ ਏ.ਡੀ.ਸੀ.ਪੀ.-ਚੌਥੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਲਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ।

Wednesday, October 10, 2012

आतंकवाद पीडि़तों के प्रांतीय अध्यक्ष ने दी आत्मदाह की धमकी


आतंकवाद पीडि़तों के प्रांतीय अध्यक्ष ने दी आत्मदाह की धमकी

 
 
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बरनाला -!- आतंकवाद पीडि़त एसोसिएशन के रा'य अध्यक्ष भूषण लाल सिंगला ने बरनाला पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह में उसके द्वारा दर्ज शिकायत में में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार न किया गया तो वह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की रिहायश के समक्ष जाकर आत्मदाह कर लेंगे। भूषण लाल सिंगला कांग्रेस के सीनियर नेता भी हैं। उन्होंने मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि 7 अगस्त की रात को बरनाला महिंदर सिंह, बोनी सिंह, बब्बल सिंह और कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने सिंगला के घर में घुसकर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया था। इस कारण उसका पुत्र श्याम सुंदर, दामाद अजनीश राणा गंभीर जख्मी हो गए। वहां से गुजर रही पुलिस ने उनको जख्मी हालत में सिविल अस्पताल बरनाला दाखिल करवाया था तो बरनाला पुलिस ने श्याम सुंदर के बयान पर कथित आरोपियों पर घर के अंदर दाखिल होकर धमकियां देकर मारपीट करने का मामला 8 अगस्त को दर्ज किया था। श्याम सुंदर 5 दिन अस्पातल में दाखिल रहा व उसके सिर में कई टांके भी लगे। भूषण लाल ने बरनाला पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते कहा कि पुलिस मामले में नामजद आरोपियों के मिल गई है और भू-माफिया से मिलीभगत कर आम लोगों की जायदादों पर कब्जे करवा रही है। दूसरी तरफ डीएसपी सिटी हरमीक सिंह दियोल ने कहा कि मामले की जांच करवाई जा रही है।

वसूली मामले में लद्दड़ को नोटिस


वसूली मामले में लद्दड़ को नोटिस

  
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चंडीगढ़. जालंधर डिवीजन के कमिश्नर आईएएस अधिकारी सुच्च राम लद्दड़ पर मध्यस्थ बनकर प्राइवेट पार्टी से करीब डेढ़ करोड़ रुपए वसूलने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने लद्दड़, केंद्र व पंजाब सरकार तथा नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को नोटिस जारी किया है।

जवाब 2 नवंबर तक देना होगा। वकील एचसी अरोड़ा की याचिका में आरोप है कि आईएएस लद्दड़ ने प्राइवेट पार्टी (भूमि मालिकों) व एनएचएआई के बीच विवाद के चलते पहले खुद को मध्यस्थ नियुक्त किया और फिर करीब डेढ़ करोड़ की फीस वसूल ली। राशि खजाने में जमा करवाने की बजाय अपने खाते में डलवाई। याचिका में मांग की गई है कि सारी राशि 12 फीसदी ब्याज के साथ वसूली जाए और लद्दड़ के खिलाफ आपराधिक व विभागीय कार्रवाई की जाए।

याचिका में कहा गया है कि लद्दड़ ने शर्त रखी कि दोनों पक्ष मध्यस्थ की फीस का भुगतान करने के बाद ही फैसले की मूल प्रति हासिल कर सकेंगे। ऐसा न करने पर 30 दिनों में फैसला खुद ब खुद ही खारिज माना जाएगा। इसके बाद एक अन्य शर्त डाली गई जिसमें कहा गया कि प्राइवेट पार्टी मध्यस्थ को पूरी फीस का भुगतान कर सकती है।

दबाव डालकर वसूली फीस

चीफ जस्टिस एके सीकरी व जस्टिस आरके जैन की खंडपीठ ने कहा कि याची के मुताबिक पंजाब में एक अधिकारी ऐसा भी है जो सरकारी पद पर रहते पहले तो खुद मध्यस्थ बनता है और फिर इसके बाद प्राइवेट पार्टी को मध्यस्थ की फीस के लिए मजबूर करता है। संबंधित मामले में एनएचएआई ने बताया था कि अधिकारी राज्य सरकार की अनुमति के बगैर फीस वसूली नहीं कर सकते। इसके बावजूद लद्दड़ ने फीस वसूली।

Monday, September 10, 2012

कैप्टन की जिद ने दिलाया अकालियों को दूसरा मौका 



बरनाला। अगर कैप्टन विधानसभा चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टियों और पीपीपी से गठबंधन कर लेते तो अकाली-भाजपा दोबारा सत्ता में नहीं आ पाते। मैंने सलाह दी भी थी पर कैप्टन नहीं माने। अभी भी लोकसभा चुनाव के लिए इन पार्टियों से गठबंधन कर लेना चाहिए। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल ने रविवार यहां पार्टी वर्करों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य के हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। दोबारा आतंकवाद का खतरा पैदा हो गया है। यहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाना चाहिए। उन्होंने अकालियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेसियों पर झूठे केस डाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री विदेशों की सैर पर निकले रहते हैं। लोगों पर टैक्सों का बोझ डाल गुलछर्रे उड़ाने के लिए हेलीकॉप्टर खरीदे जा रहे हैं। हरियाणा में पंजाब के मुकाबले हर वस्तु पर वैट कम है। चीनी, पेट्रोल, डीजल आदि भी सस्ता है।

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