Thursday, July 5, 2012

पंचकूला. पिछले पांच महीनों में सिर्फ तीन बार ही जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई है। तीन बार हुई इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के सामने 43 शिकायतें आईं। इनमें पानी की किल्लत से लेकर बिजली की नंगी लटकती तारों की शिकायतें शामिल हैं। बैठकों में इन 43 में से सिर्फ 11 शिकायतों का ही निपटारा हो पाया है, जबकि बाकी शिकायतें अगली बैठक में आने के लिए तैयार हैं। हरियाणा सरकार ने हर जिले में ये बैठकें इसलिए शुरू की थीं, ताकि लोग प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी समस्याएं बता सकें और अधिकारी त्वरित कार्रवाई कर उनका समाधान करें। समस्याएं सुनने के लिए मुख्य संसदीय सचिव जलेब खान भी दो बैठकों में नहीं पहुंचे। हालांकि मुख्य संसदीय सचिव के न आने पर डीसी ने लोगों की समस्याओं को सुना, लेकिन जिस उद्देश्य से ये बैठकें शुरू की गई थीं, वह पूरा नहीं हो पा रहा है। डीसी दो महीनों में आधी शिकायतों को भी नहीं निपटा सकी हैं। अभी तक इन शिकायतों का नहीं हो पाया निपटारा चोडावाली, बाड़गोदाम की सड़क नहीं बनी, शिकायत कई बार बैठक में शामिल। सेक्टर 14 से झुग्गियों को हटाए जाने का मामला कई बार बैठक में आ चुका है। कुंडी में राशन कार्ड को लेकर लोगों की समस्या, दो मीटिंगों में शामिल रहा मामला। कालका के खेतवाली, बाड़गोदाम में सड़क टूटी है, दो बार मीटिंग में शामिल रहा मामला। पिंजौर में वार्ड नंबर 11 में बिजली की तारों के लिए खंभे न होने की शिकायत दोनों बार बैठक में शामिल। माजरी गांव में जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने का मामला, दो बैठकों में शामिल। सेक्टर 20 पार्ट-2 में स्कूल बनाने के लिए कई बार बैठक में बात उछली, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस एरिया में स्कूल नहीं है। मोरनी के कई गांवों में पानी को लेकर परेशानी आ रही है। गांवों में पानी न आने के चलते लोगों को बड़ी परेशानी आ रही है।

पंचकूला. पिछले पांच महीनों में सिर्फ तीन बार ही जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई है। तीन बार हुई इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के सामने 43 शिकायतें आईं। इनमें पानी की किल्लत से लेकर बिजली की नंगी लटकती तारों की शिकायतें शामिल हैं। बैठकों में इन 43 में से सिर्फ 11 शिकायतों का ही निपटारा हो पाया है, जबकि बाकी शिकायतें अगली बैठक में आने के लिए तैयार हैं।

हरियाणा सरकार ने हर जिले में ये बैठकें इसलिए शुरू की थीं, ताकि लोग प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी समस्याएं बता सकें और अधिकारी त्वरित कार्रवाई कर उनका समाधान करें। समस्याएं सुनने के लिए मुख्य संसदीय सचिव जलेब खान भी दो बैठकों में नहीं पहुंचे। हालांकि मुख्य संसदीय सचिव के न आने पर डीसी ने लोगों की समस्याओं को सुना, लेकिन जिस उद्देश्य से ये बैठकें शुरू की गई थीं, वह पूरा नहीं हो पा रहा है। डीसी दो महीनों में आधी शिकायतों को भी नहीं निपटा सकी हैं।

अभी तक इन शिकायतों का नहीं हो पाया निपटारा

चोडावाली, बाड़गोदाम की सड़क नहीं बनी, शिकायत कई बार बैठक में शामिल।

सेक्टर 14 से झुग्गियों को हटाए जाने का मामला कई बार बैठक में आ चुका है।

कुंडी में राशन कार्ड को लेकर लोगों की समस्या, दो मीटिंगों में शामिल रहा मामला।

कालका के खेतवाली, बाड़गोदाम में सड़क टूटी है, दो बार मीटिंग में शामिल रहा मामला।

पिंजौर में वार्ड नंबर 11 में बिजली की तारों के लिए खंभे न होने की शिकायत दोनों बार बैठक में शामिल।

माजरी गांव में जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने का मामला, दो बैठकों में शामिल।

सेक्टर 20 पार्ट-2 में स्कूल बनाने के लिए कई बार बैठक में बात उछली, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस एरिया में स्कूल नहीं है।

मोरनी के कई गांवों में पानी को लेकर परेशानी आ रही है। गांवों में पानी न आने के चलते लोगों को बड़ी परेशानी आ रही है।

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