Saturday, July 21, 2012

चेयरमैन बनने के लिए बादलों के फेरे लगा रहे नेता


चंडीगढ़. बोर्ड और कॉपरेरेशन में चेयरमैन पद को लेकर अकाली और भाजपा नेता इन दिनों बादल परिवार के चक्कर काट रहे हैं। टकसाली अकाली नेताओं को तो आज भी मुख्यमंत्री प्रकाश ¨सह बादल का ही सहारा है, लेकिन नेताओं के बेटे और दामादों ने सुखबीर बादल और बिक्रम मजीठिया की राह पकड़ी है। जल्द ही नियुक्तियां शुरू हो सकती हैं। पंजाब में 28 बोर्ड और कॉपरेरेशन हैं। इनमें ज्यादातर पदों पर अकाली नेताओं को तैनात करने की तैयारी है।

कौन किसके चक्कर काट रहा है और क्यों?

राजोवाल को सीएम का सहारा

किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल किसी महत्वपूर्ण पद के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। वे पहले भी कई बार मंडी बोर्ड के चेयरमैन पद के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मिल चुके हैं। लेकिन, अजमेर सिंह लखौवाल को फिर से तीन साल के लिए मंडी बोर्ड का चेयरमैन बना दिया गया। प्रेम सिंह चंदूमाजरा बड़े बादल के चक्कर लगा रहे हैं। किरणबीर सिंह कंग भी किसी न किसी बोर्ड या कॉपरेरेशन में चेयरमैन बनना चाहते हैं।

वल्टोहा सुखबीर के दर पर

विरसा सिंह वल्टोहा अपने क्षेत्र के कुछ नेताओं को महत्वपूर्ण बोर्ड के चेयरमैन नियुक्त करवाने की कोशिश में हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा उन बोर्ड-कॉपरेरेशन में अपनी पार्टी के नेताओं को नियुक्त कराना चाहते हैं, जहां पहले अकाली नेताओं को एडजस्ट किया गया था। कैबिनेट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ भी अपने एक चहेते को चेयरमैन बनाने के लिए डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल से मुलाकात कर चुके हैं।

बलारिया बिक्रम के सहारे

मुख्य संसदीय सचिव इंद्रबीर सिंह बलारिया अपने विधानसभा क्षेत्र के एक युवा नेता को एडजस्ट करवाने के लिए जोर लगा रहे हैं। माझा बेल्ट के अधिक्तर नेता दो सप्ताह से राजस्व मंत्री बिक्रम मजीठिया की कोठी के चक्कर काट रहे हैं। इन नेताओ को दसूहा उपचुनाव के दौरान किसी न किसी बोर्ड या कॉपरेरेशन की जिम्मेदारी सौंपने का आश्वासन दिया गया था। अब इन्हें उम्मीद है कि इनकी मांग पूरी हो जाएगी।

कई के पर कतरने की तैयारी

सरकार ने बोर्ड और कॉपरेरेशन की कमान संभाल रहे कुछ नेताओं को बदलने की तैयारी कर ली है। जिन नेताओं को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिल सके, उन्हें बोर्ड और कॉपरेरेशन में चेयरमैन बनाकर खुश करने की तैयारी है।

उपचुनाव के चलते रुका था काम

दसूहा उपचुनाव के कारण चेयरमैन तैनात करने का काम रुका हुआ था। सरकार नहीं नहीं चाहती थी कि बोर्ड-कॉपरेरेशन में चेयरमैन पद को लेकर नेताओं में खींचतान हो।

Uploads by drrakeshpunj

Popular Posts

Search This Blog

Popular Posts

followers

style="border:0px;" alt="web tracker"/>