Monday, November 15, 2010

आतंक के कारण 59 हजार परिवारों ने छोड़ा कश्मीर


नई दिल्ली. कश्मीर घाटी में आतंकवाद के कारण 1990 के दशक में 58,697 परिवारों को पलायन करना पड़ा। इसके बाद ये परिवार जम्मू, दिल्ली तथा देश के अन्य भागों में अस्थायी तौर पर रह रहे हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय माकन ने यह जानकारी मंगलवार को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लिखित जवाब में दी।



3 वर्ष में 6,000 विचाराधीन कैदियों की मौत : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पिछले तीन वर्षों में 6,000 से अधिक विचाराधीन कैदियों की मौत की सूचनाएं दर्ज की हैं। माकन के मुताबिक 2007-08 में 2267 व 2008-09 में 1943 तथा 2009-10 में 1794 मौतें दर्ज की गईं। 3 वर्षों में हिरासत में हुई मौतों का योग 6004 है।



नक्सली हमले:



इस वर्ष अब तक नक्सली हिंसा में 577 नागरिक मारे गए हैं जबकि 260 से अधिक सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं। इसी अवधि में 137 नक्सली मारे गए। सबसे अधिक 72 नक्सली छत्तीसगढ़ में मारे गए जबकि पश्चिम बंगाल में नागरिकों की मौतों का आंकड़ा सर्वाधिक 185 रहा। पड़ोसी देशों से बढ़ी घुसपैठ



माकन ने बताया कि इस वर्ष 31 अक्टूबर तक 95 लोगों ने भारत-पाक सीमा से घुसपैठ की जबकि 2009 में 83 लोगों ने ऐसा किया था। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान समेत पड़ोसी देशों में आतंकी प्रशिक्षण के कई केंद्र चल रहे हैं।







जून 2009 से सितंबर 2010 तक राजमार्ग निर्माण का लक्ष्य औसतन 12.01 किलोमीटर ही हासिल हो सका है। हालांकि करीब 20,000 किमी राजमार्ग निर्माण करने के लिए प्रतिदिन 20 किमी का लक्ष्य पूरा करना जरूरी है। केंद्रीय सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्री कमलनाथ ने लोकसभा को यह जानकारी दी।

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