Wednesday, November 16, 2011

देश-कौम के लिए मर-मिटने वालों का नाम है ‘सिख’



 
चंडीगढ़. 9/11 की आतंकी वारदात के बाद जब अमेरिका में सिखों पर हमले हो रहे थे, तब भारत में बैठे फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक पुनीत इस्सर के दिलो-दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। जब विकसित देश अमेरिका के लोग अफगानियों और सिखों में फर्क महसूस नहीं कर पा रहे थे, तब इस कलाकार ने मन ही मन ठान लिया था कि वे फिल्म के माध्यम से सारी दुनिया को बता देंगे कि आखिर सिख होने का मतलब क्या है।

पुनीत द्वारा निर्देशित 2 दिसंबर को लॉन्च हो रही फिल्म ‘आईएम सिंह’ उनकी इसी सोच का परिणाम है। फिल्म में उन्होंने संदेश दिया है कि सिख तो कौम और देश के भले के लिए मर-मिटने वाले बहादुरों
का नाम है, निदरेषों का खून बहाने वालों का नहीं। इस दौरान प्रसिद्ध गायक मीका ने फिल्म में प्रस्तुत किए गीत ‘ढोल वजदा’ को लाइव पेश किया।

होटल माउंट व्यू में फिल्म की प्रमोशन के लिए पहुंचे पुनीत ने बताया कि अमेरिका में सिखों पर हुए अत्याचार पर आधारित बेहद संवेदनशील इस फिल्म के लिए वे मुंबई की माया नगरी में कई साल तक प्रोड्यूसर तलाशते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली, आखिरकार चंडीगढ़ के एक व्यवसायी पिशोरा सिंह थिंद ने जब फिल्म की कहानी सुनी तो कहानी उनके दिल को छू गई। उन्हें लगा कि उनके कई करोड़ रुपयों से सिखों का सम्मान पहले था, उनका फिल्म निर्माण से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं था, लेकिन कहानी सुनते ही कई करोड़ खर्च करने का फैसला लेने में उन्हें देर नहीं लगी।

फिल्म की कहानी और डायलॉग सिर्फ दर्शकों के दिलो-दिमाग पर छा जाने वाले ही नहीं हैं, बल्कि फिल्म का म्यूजिक भी लाजवाब है। फिल्म में दो गीत दलेर मेहंदी ने और एक मीका ने दिया है। पुनीत इस्सर अमेरिकी सार्जेंट सरदार फतेह सिंह की भूमिका में हैं।

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